भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा कार्यकारिणी जल्द भंग कर नई टीम गठित की जाएगी। अगले दो से तीन माह में नई कार्यकारिणी का गठन पूरा होने की संभावना है।
वर्तमान कार्यकारिणी में करीब 253 पदाधिकारी हैं। नई व्यवस्था में इनकी संख्या घटाकर लगभग 125 करने की तैयारी है। विधायकों के साथ जिला अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी की दोहरी जिम्मेदारी रखने वालों को भी प्रदेश संगठन के दायित्व से मुक्त किया जा सकता है।
युवा चेहरे और अनुभवी नेताओं का संतुलन
नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ ऐसे नेताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति है, जो चुनाव लड़ने के बजाय संगठन को मजबूत करने और चुनाव लड़ाने की भूमिका निभाएं। युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं को भी जगह दी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि नई टीम सभी से विचार-विमर्श के बाद बनाई जाएगी और पार्टी का मुख्य लक्ष्य मिशन-2028 रहेगा।
253 से घटकर 125 पदाधिकारी
पटवारी की मौजूदा टीम में संतुलन बनाने के प्रयासों के चलते पदाधिकारियों की संख्या बढ़कर 253 तक पहुंच गई थी। पार्टी का मानना है कि बड़ी कार्यकारिणी के बावजूद अपेक्षित संगठनात्मक सक्रियता नहीं दिखी। इसी कारण अब कार्यकारिणी को छोटा और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर है।
युवाओं पर भी कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस ने युवाओं को जोड़ने के लिए युवा संवाद, आंदोलन और प्रदेशस्तरीय युवा सम्मेलन की योजना बनाई है। इसके बाद जिलों में भी युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदेशस्तरीय युवा सम्मेलन में बुलाने की तैयारी कर रही है। छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को 2028 के चुनाव की रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी..!
काँग्रेस ने अपनी रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है । शनिवार को इसका आगाज करते हुए
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ और कद्दावर नेता मानक अग्रवाल को कांग्रेस के पूर्व विधायकों के बीच समन्वय बनाने के लिए समन्वयक बनाया है। श्री अग्रवाल पीसीसी में बैठकर पूर्व विधायकों के और पीसीसी के बीच तालमेल का कार्य करेंगे।
श्री अग्रवाल को इस जिम्मेदारी मिलने से कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को गति मिलेगी!
कांग्रेस का लक्ष्य:
नई संगठनात्मक टीम के जरिए अगले दो वर्षों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और 2028 विधानसभा चुनाव की मजबूत तैयारी करना है।











