• Login
हमारा निशाना
Advertisement
  • अंतराष्ट्रीय
  • देश
  • नर्मदापुरम
  • प्रदेश
  • अपराध
  • कोविड
  • जीवन शैली
  • फिटनेस
  • मीडिया और संस्कृति
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • अंतराष्ट्रीय
  • देश
  • नर्मदापुरम
  • प्रदेश
  • अपराध
  • कोविड
  • जीवन शैली
  • फिटनेस
  • मीडिया और संस्कृति
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
हमारा निशाना
No Result
View All Result
Home मीडिया और संस्कृति धर्म -संस्कृति

जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी..!

News Desk by News Desk
March 29, 2023
in धर्म -संस्कृति
0
जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी..!
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

रामनवमी पर विशेष

राम हमारी अनंत मर्यादाओं के प्रतीक पुरुष हैं इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से पुकारा जाता है। हमारी संस्कृति में ऐसा कोई दूसरा चरित्र नहीं है जो राम के समान मर्यादित , धीर-वीर और प्रशांत हो। इस  एक विराट चरित्र को गढ़ने में भारत के सहस्त्रों प्रतिभाओं ने कई शताब्दियों तक अपनी मेधा का योगदान दिया । आदि कवि वाल्मीकि ने अपनी लेखनी और प्रतिभा से इस चरित्र को संवारा। वाल्मीकि के राम लौकिक जीवन की मर्यादाओं का निर्वाह करने वाले वीर पुरुष हैं। उन्होंने लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध किया और लोक धर्म की पुन: स्थापना की। लेकिन वे नील गगन में दैदीप्यमान  सूर्य के समान दाहक शक्ति से संपन्न ,महासमुद्र की तरह गंभीर तथा पृथ्वी की तरह क्षमाशील भी है।

 महाकवि भास कालिदास और भवभूति के राम कुल रक्षक ,आदर्श पुत्र, आदर्श पति, आदर्श पिता और आदर्श प्रजा पालक राजा का चरित्र सामने रखते हैं। कालिदास ने रघुवंश में इक्ष्वाकु वंश का वर्णन किया तो भवभूति ने उत्तर रामचरित्र में अनेक मार्मिक प्रसंग जोड़े।  लेकिन तुलसीदास ने राम के चरित्र का कोई प्रसंग नहीं छोड़ा है, इसलिए यह कहा जा सकता है कि रामकथा को संपूर्णता वास्तव में तुलसीदास ने ही प्रदान की है। रामचरितमानस एक कालजयी रचना है जो भारतीय मनीषा के समस्त लौकिक, पारलौकिक, आध्यात्मिक ,नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को राम के चरित्र में इस तरह जोड़ देती है मानो किसी कुशल शिल्पी ने नगीने जड़ें हों। लेकिन तुलसी के राम विष्णु के अवतार हैं। वे दुराचारियों यज्ञ विध्वंसक राक्षसों का नाश कर लौकिक मर्यादाओं की स्थापना के लिए जन्म लेते हैं । वे सांसारिक प्राणियों को की तरह सुख-दुख का भोग जरूर करते हैं पर जीवन मरण के चक्र से होकर गुजरते हैं और अंततः अपनी पारलौकिक छवि की छाप छोड़ जाते हैं ।

दरअसल,तुलसीदास ने राम के चरित्र के कई प्रसंगों की व्याख्या करते हुए उनके ईश्वरत्व की ओर इशारा किया है। इसका अर्थ यह है कि तुलसी ने राम के चरित्र में दो परस्पर विरोधी और विपरीत धाराओं में समन्वय का प्रयास करते हुए इसे और भव्यता प्रदान करने की कोशिश की है।  राम सुख दुख ,पाप पुण्य, धर्म अधर्म, शुभ अशुभ, कर्तव्य अकर्तव्य, ज्ञान विज्ञान, योग भोग, स्थूल सूक्ष्म, जड़ चेतन, माया ब्रह्म, लौकिक पारलौकिक आदि का सर्वत्र समन्वय करते हुए दिखाई देते हैं । इसीलिए वे मर्यादा पुरुषोत्तम तो है ही मानव चेतना के आदि पुरुष भी हैं।  भारत के विभिन्न धार्मिक संप्रदायों और मत मतांतरों के प्रवर्तक संतों ने राम की अलग-अलग कल्पना की है। इनमें हर एक के राम अलग-अलग हैं। तुलसीदास, नाभादास ,गुरु नानक, कबीर आदि के राम अलग हैं। किसी के लिए राम दशरथ पुत्र हैं, तो किसी के लिए सबसे न्यारे हैं। तुलसीदास ने यह भी कहा है कि ‘जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी’

 लेकिन यहां एक बात रह रह कर मन में कौंधती है कि आखिर यह देश दो अक्षरों के एक राम नाम के पीछे पागलपन की हद तक क्यों पड़ा है ? सुबह बिस्तर से उठते राम! बाहर निकलते ही राम -राम, दिनभर राम नाम की अटूट श्रृंखला। फिर शाम को राम का नाम और जीवन की अंतिम यात्रा भी ‘राम नाम सत्य है’ के साथ। आखिर इसका रहस्य क्या है ? घर में राम, मंदिर में राम, सुख में राम, दुख में राम।  शायद यही देखकर अल्लामा इकबाल को भी लिखना पड़ा – है राम के वजूद पर हिंदुस्तान को नाज, अहले वतन समझते हैं, उनको इमाम ए हिंद ।

यहां माता-पिता राम जैसे पुत्र की कामना करते हैं। इस मर्यादावादी देश में राम कहीं भी लौकिक मर्यादाओं का अतिक्रमण करते हुए दिखाई नहीं देते। वे लंका विजय के बाद भी वहां का राज विभीषण को सौंप देते हैं। सीता हरण के प्रसंग में भी वे उद्विग्न नहीं होते। वनवास मिलने पर भी उसी सहजता से स्वीकार करते हैं और पिता की आज्ञा मानकर वन को प्रस्थान करते हैं। उनके मन मैं विमाता कैकयी और भाई भरत के लिए स्नेह बना रहता है । उनका ह्रदय करुणा से ओतप्रोत है। वे जब रावण का वध करते हैं तो पश्चाताप करते हैं। लौकिक जीवन की मर्यादा एवं राज धर्म के निर्माण के लिए धोबी के ताने सुनकर सीता का परित्याग कर देते हैं । उन्हें अपने जीवन की खुशियों से बढ़कर लोकजीवन की चिंता है। राजा के इस आदर्श के कारण ही भारत में रामराज की आज तक कल्पना की जाती है। राम के बिना भारतीय समाज की कल्पना कैसे की जा सकती है?

(संकलित )

Previous Post

8 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे राहुल ?

Next Post

चुनावों की तैयारी – कांग्रेस किसान ,महिला और कर्मचारी पर कर रही है फोकस

News Desk

News Desk

Next Post
अब कांग्रेस का जोर भी बूथ मैनेजमेंट पर.! हर बूथ पर होंगे पांच कार्यकर्ता

चुनावों की तैयारी - कांग्रेस किसान ,महिला और कर्मचारी पर कर रही है फोकस

Leave a Reply Cancel reply

Connect with:
Facebook Google Twitter

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected test

  • 23.9k Followers
  • 99 Subscribers
  • Trending
  • Comments
  • Latest
क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

August 7, 2026
सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा  पाएगी काँग्रेस ?

कांग्रेस की जिला कार्यकारणी के लिए अभी करना होगा इंतजार….?

February 14, 2026
क्या सचमुच होती थीं विषकन्याएं ?

क्या सचमुच होती थीं विषकन्याएं ?

June 20, 2023
कौन फाइनल करेगा कांग्रेस के टिकट ? दिग्विजय सिंह ने किया बड़ा खुलासा !

कौन फाइनल करेगा कांग्रेस के टिकट ? दिग्विजय सिंह ने किया बड़ा खुलासा !

June 25, 2023
प्रकृति के उपहारों से खाली होती जा रही दुनिया 

प्रकृति के उपहारों से खाली होती जा रही दुनिया 

0
दक्षिण भारतीय फिल्मों में दिखने वाली भव्य हवेलियाँ कहाँ हैं ?

दक्षिण भारतीय फिल्मों में दिखने वाली भव्य हवेलियाँ कहाँ हैं ?

0
किताबों से  ज्ञान ही नहीं उम्र भी बढ़ती  है ?

किताबों से ज्ञान ही नहीं उम्र भी बढ़ती है ?

0
क्यों संकट में हैं वनराज ? सूबे में एक साल में 32 बाघों की मौत

क्यों संकट में हैं वनराज ? सूबे में एक साल में 32 बाघों की मौत

0
क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

August 7, 2026
सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा  पाएगी काँग्रेस ?

कांग्रेस की जिला कार्यकारणी के लिए अभी करना होगा इंतजार….?

February 14, 2026
कितनी बार दिल पर दस्तक देता है शिद्दत भरा प्यार..?

कितनी बार दिल पर दस्तक देता है शिद्दत भरा प्यार..?

February 13, 2026
सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा  पाएगी काँग्रेस ?

सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा पाएगी काँग्रेस ?

February 1, 2026

Recent News

क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

August 7, 2026
सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा  पाएगी काँग्रेस ?

कांग्रेस की जिला कार्यकारणी के लिए अभी करना होगा इंतजार….?

February 14, 2026
कितनी बार दिल पर दस्तक देता है शिद्दत भरा प्यार..?

कितनी बार दिल पर दस्तक देता है शिद्दत भरा प्यार..?

February 13, 2026
सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा  पाएगी काँग्रेस ?

सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा पाएगी काँग्रेस ?

February 1, 2026
हमारा निशाना

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc. Check our landing page for details.

Follow Us

Browse by Category

  • अंतराष्ट्रीय
  • अपराध
  • इतिहास /पुरातत्व
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • कानून
  • केरल
  • जीवन मन्त्र
  • जीवन शैली
  • जीवन शैली
  • झारखंड
  • देश
  • धर्म -संस्कृति
  • नर्मदापुरम
  • न्याय/
  • प्रदेश
  • फिटनेस
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • मिसाल
  • मीडिया
  • मीडिया और संस्कृति
  • राजनीति
  • राजस्थान
  • रोचक
  • वन /पर्यावरण
  • वाणिज्य/ व्यापार
  • विचार
  • विशेष खबर
  • व्यापार/वाणिज्य
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

Recent News

क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

क्या जेन जी गढ़ रहे हैं नई भाषा..? जेन जी के स्लैंग शब्दों को समझने में नाकाम हुए दिग्गज?

August 7, 2026
सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा  पाएगी काँग्रेस ?

कांग्रेस की जिला कार्यकारणी के लिए अभी करना होगा इंतजार….?

February 14, 2026
  • अंतराष्ट्रीय
  • देश
  • नर्मदापुरम
  • प्रदेश
  • अपराध
  • कोविड
  • जीवन शैली
  • फिटनेस
  • मीडिया और संस्कृति
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

© 2026 Hamara Nishanas - Premium WordPress news & magazine theme by Akshay Tiwari.

No Result
View All Result
  • अंतराष्ट्रीय
  • देश
  • नर्मदापुरम
  • प्रदेश
  • अपराध
  • कोविड
  • जीवन शैली
  • फिटनेस
  • मीडिया और संस्कृति
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

© 2026 Hamara Nishanas - Premium WordPress news & magazine theme by Akshay Tiwari.