सूबे में पंद्रह लाख कार्यकर्ता जुटा पाएगी काँग्रेस ?

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भोपाल // सूबे में कांग्रेस संगठन सृजन  अभियान के जरिए अपने  को मजबूत करने में जुटी हुई है। जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब अगले चरण में  पंचायत वार्ड और मोहल्ला समितियों पर  फोकस किया जा रहा है। यह दावा किया जा रहा इसके  माध्यम से  करीब पंद्रह लाख कार्यकर्ता तैयार करने का लक्ष्य है और 20फरवरी तक प्रदेश भर में यह इकाइयां गठित कर इनके प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए जाएंगे ।
इन समितियों को स्थानीय निकायों और पंचायत चुनावों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
हर पंचायत समितियों में पच्चीस  सदस्य रहेंगे और इनका गठन प्रदेश कार्यकारणी की तर्ज पर होगा। जिसमें युवा कांग्रेस महिला कांग्रेस एनएसयूआई आदिवासी कांग्रेस के प्रतिनिधि रहेंगे । शहरी क्षेत्रों में वार्ड समिति बनेगी पर उसमें सदस्यों की संख्या वार्ड की जनसंख्या पर निर्भर करेगी। नगर निगम में एक वार्ड में अधिकतम सौ, और नगर पालिका की वार्ड समिति में ज्यादा से ज्यादा पचास सदस्य होंगे। वार्डों के भीतर मोहल्ला समिति बनेगी।
इन सबका समितियों का काम पार्टी अभियानों को आम जन तक पहुंचना, और हर तरह के सोशल मीडिया के माध्यम से आम आदमी तक पहुंच बनाना होगा।
पर जानकारों का कहना कि कांग्रेस को अपने इस दावे को पूरा करने में काफी मशक्कत करनी होगी क्योंकि कांग्रेस के  संगठन सृजन अभियान के तहत पूरे सूबे में लगभग 71 जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई थी। लेकिन करीब 5 महीने बीत जाने के बाद भी जिलाध्यक्ष अकेले काम कर रहे हैं. जिला कार्यकारणी की घोषणा तक नहीं हो पाई है। यही स्थिति ब्लॉक कमेटियों को लेकर भी है, ऐसे में मंडल , पंचायत, वार्ड ,मोहल्ला समितियां बनाने का काम कैसे गति ले पाएगा

संगठन की स्थिति को लेकर संतुष्ट नहीं है आलाकमान
पिछले हफ्ते दिल्ली में कांग्रेस  के प्रदेश संगठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल  गांधी मौजूद थे. कहा जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान प्रदेश कांग्रेस संगठन और उसको स्थिति को लेकर संतुष्ट नही है।
प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी माना है कि कांग्रेस  का संगठन प्रदेश में अभी पूरी तरह से मजबूत नहीं है।  सूत्रों की माने तो काँग्रेस आलाकमान बहुत से जिलाध्यक्षों के काम काज से खुश नहीं है. उन्हें अपनी परफारमेंस सुधारने की चेतावनी मिल सकती है, फिलहाल तो प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से जिलाध्यक्षों  के साथ व्यक्तिगत रूप से बैठकर सक्रियता और संगठन को मजबूत करने को कहा गया है। यदि फिर भी सुधार नहीं होता है तो विकल्पों को देखा जाएगा।
खबर  है कि संगठन के महासचिव केसी वेनुगोपाल ने   प्रदेश संगठन को अल्टीमेटम दे दिया है कि 15 दिवस के भीतर जिला समितियां और  30दिन के भीतर ब्लाक समितियों की  घोषणा  की जाए ।

देर कर रहा है प्रदेश संगठन
वैसे बहुत से जिलाध्यक्षों ने समितियां बना कर प्रदेश संगठन को सौंप दी हैं, घोषणा में देरी प्रदेश स्तर से हो रही है। कहा जा रहा है कि प्रदेश संगठन को प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से हरि झंडी नहीं मिली है। अब महासचिव केसी बेलुगोपाल ने 30 दिन में ब्लॉक समितियों और 60 दिन में मोहल्ला स्तर की समितियों का  गठन  करने को कहा है। समितियों में एससी, एसटी, ओबीसी ,अल्पसंख्यक का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित करने को कहा है।
पहली बार है कि कांग्रेस  में  जमीनी स्तर तक संगठन की गतिविधियों की केंद्र स्तर से निगरानी हो रही है । जिलाध्यक्षों के कामों की मासिक समीक्षा की जा रही है।
संगठन सृजन अभियान की अवधारणा राहुल गांधी की है इसलिए इस पर ज्यादा फोकस है।

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