इटारसी। पुराने बस स्टैंड पर बसों के पिक एंड ड्रॉप की सुविधा बंद करने का फैसला अब प्रशासन के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। अब तक कांग्रेस और कुछ संगठनों के विरोध के बीच चल रहे इस विवाद में शहर के व्यापारी भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। संयुक्त व्यापार महासंघ ने शुक्रवार को जयस्तंभ चौक पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर पहले ही दिन करीब दो हजार लोगों का समर्थन जुटाने का दावा किया है। व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि मांग नहीं मानी गई तो 3 नवंबर को इटारसी का बाजार बंद कराया जाएगा। उधर, कांग्रेस सेवादल ने भी बाजार बंद के समर्थन में उतरते हुए आगे जल सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है।
यानी बस स्टैंड की व्यवस्था बदलने का फैसला अब केवल यातायात प्रबंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के व्यापार, यात्रियों की सुविधा और स्थानीय राजनीति से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।
दो हजार हस्ताक्षरों से प्रशासन को संदेश
संयुक्त व्यापार महासंघ ने शुक्रवार शाम पांच बजे जयस्तंभ चौक पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे चले इस अभियान में व्यापारियों, दुकानदारों, आम नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने पुराने बस स्टैंड पर पिक एंड ड्रॉप सुविधा बहाल करने की मांग का समर्थन किया। महासंघ के मुताबिक, पहले दिन दो हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए।
महासंघ अध्यक्ष दीपक हरिनारायण अग्रवाल का कहना है कि पुराने बस स्टैंड पर बसों का पिक एंड ड्रॉप बंद होने से शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र और ग्रामीण अंचलों से आने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। व्यापारी पुरानी इटारसी में बस स्टैंड संचालित करने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन स्टेशन रोड पर यात्रियों को बस में बैठने और उतरने की सुविधा मिलनी चाहिए।
महासंघ शनिवार को भी हस्ताक्षर अभियान चलाएगा। इसके बाद हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र कलेक्टर और जिला परिवहन अधिकारी को सौंपा जाएगा।

3 नवंबर को बाजार बंद, फिर जल सत्याग्रह की चेतावनी
व्यापारियों ने अब आंदोलन की अगली तारीख भी घोषित कर दी है। महासंघ अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने कहा है कि यदि स्टेशन रोड पर पिक एंड ड्रॉप की सुविधा बहाल नहीं की गई तो 3 नवंबर को इटारसी का बाजार बंद किया जाएगा।
व्यापारियों की चिंता केवल यात्रियों की असुविधा तक सीमित नहीं है। उनका तर्क है कि पुराने बस स्टैंड पर बसों की आवाजाही बंद होने से बाजार तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित हो रही है। दीपावली के त्योहार के दौरान इसका असर व्यापार पर भी पड़ सकता है।
कांग्रेस सेवादल भी कूदा, जल सत्याग्रह की तैयारी
इस मुद्दे पर कांग्रेस सेवादल ने भी अपना विरोध तेज कर दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानंद तिवारी ने बाजार क्षेत्र में व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी मांग का समर्थन किया। उन्होंने 3 नवंबर को बाजार बंद रखने का आह्वान किया है।
तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि बाजार बंद के बाद भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कांग्रेस सेवादल जल सत्याग्रह करेगा।
अब प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
बस स्टैंड को स्टेशन रोड से तवा कॉलोनी स्थित छत्रपति शिवाजी बस स्टैंड पर शिफ्ट करने के फैसले के बाद से ही विरोध के स्वर उठ रहे हैं। विधायक के निर्देश पर नगरपालिका द्वारा पुराने बस स्टैंड पर पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था बंद किए जाने के बाद कांग्रेस और व्यापारिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू किया था।
अब संयुक्त व्यापार महासंघ के हस्ताक्षर अभियान और बाजार बंद के ऐलान ने प्रशासन के सामने नई स्थिति खड़ी कर दी है। एक तरफ नए बस स्टैंड की व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का रुख है, तो दूसरी तरफ पुराने बस स्टैंड पर सीमित पिक एंड ड्रॉप सुविधा बहाल करने की मांग पर व्यापारी और विरोध कर रहे संगठन एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं।
सवाल अब यह है कि क्या प्रशासन यातायात व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा के बीच कोई बीच का रास्ता निकालेगा, या 3 नवंबर को बाजार बंद के साथ यह विवाद एक नए आंदोलन का रूप लेगा?