पणजी। अच्छी नौकरी कैसे मिले, करियर में आगे कैसे बढ़ें, कारोबार को सफल कैसे बनाएं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर कैसे हों... इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए युवा वर्षों तक पढ़ाई करते हैं, कोचिंग लेते हैं और तरह-तरह की ट्रेनिंग से गुजरते हैं। लेकिन जिंदगी के उस रिश्ते के लिए कितने लोग तैयारी करते हैं, जिसके साथ उन्हें पूरी जिंदगी बितानी होती है? शादी के बाद रिश्ते कैसे निभाने हैं, मतभेदों को कैसे सुलझाना है और दो अलग-अलग व्यक्तित्व एक परिवार कैसे बनते हैं, इसकी शिक्षा आखिर कहां मिलती है?
मेडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोवा के एक कॉलेज ने इसी अनदेखे पहलू पर ध्यान दिलाते हुए एक अनूठी पहल की है। पणजी स्थित गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस अब युवाओं को शादी के लिए भी तैयार करेगा। कॉलेज का मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग दो दिसंबर से 'मैरिज रेडीनेस : प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स' नाम से 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज विवाह केवल दो परिवारों का सामाजिक बंधन नहीं रह गया है। बदलती जीवनशैली, व्यक्तिगत अपेक्षाएं, करियर का दबाव और आपसी समझ की कमी रिश्तों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। ऐसे में शादी से पहले ही युवाओं को रिश्तों की जिम्मेदारियों और भावनात्मक जरूरतों से परिचित कराने का यह प्रयास एक नई सोच को सामने लाता है।
शादी का समारोह नहीं, शादी निभाने की तैयारी
आमतौर पर शादी की तैयारी में कपड़े, गहने, समारोह, मेहमान और रस्मों पर खूब ध्यान दिया जाता है। लेकिन शादी के बाद शुरू होने वाले वास्तविक जीवन की तैयारी पर बहुत कम बात होती है।
कॉलेज का यह कोर्स इसी सोच को बदलने की कोशिश है। इसमें युवाओं को समझाया जाएगा कि शादी केवल एक दिन का समारोह नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान, संवाद और जिम्मेदारी के साथ निभाया जाने वाला लंबा रिश्ता है।
कोर्स में डेटिंग के उद्देश्य और उसकी बदलती सामाजिक गतिशीलता, आत्म-जागरूकता, भावनात्मक जुड़ाव और अपनेपन की जरूरत जैसे विषय शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पुरुषत्व और स्त्रीत्व की अवधारणाएं रिश्तों को किस तरह प्रभावित करती हैं, इस पर भी चर्चा होगी।
एक महत्वपूर्ण विषय शादी के समारोह और वास्तविक वैवाहिक जीवन के बीच का अंतर भी है। यानी विवाह की भव्यता से आगे बढ़कर उस जीवन को समझना, जिसकी शुरुआत सात फेरों के बाद होती है।
तलाक के आंकड़े भी दे रहे हैं चेतावनी
रिश्तों को समझने और उनके प्रति जिम्मेदारी विकसित करने की जरूरत ऐसे समय में महसूस की जा रही है, जब वैवाहिक संबंधों में टूटन एक गंभीर सामाजिक चिंता बनती जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, गोवा में वर्ष 2022 से 2025 के बीच करीब तीन हजार वैवाहिक संबंध टूटे। यह आंकड़ा बताता है कि आधुनिक समाज में विवाह को केवल परंपरा और सामाजिक स्वीकृति के आधार पर सफल मान लेना पर्याप्त नहीं है। रिश्ते को सफल बनाने के लिए भावनात्मक परिपक्वता और आपसी समझ भी जरूरी है।
युवाओं के लिए खुला है कोर्स
कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पाई के अनुसार, यह 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स 2 से 17 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ ऐसे अविवाहित युवा भी शामिल हो सकेंगे, जो भविष्य में स्वस्थ और स्थायी वैवाहिक जीवन की तैयारी करना चाहते हैं।
रिश्तों को भी चाहिए थोड़ी पढ़ाई
इस पहल के पीछे छिपा संदेश काफी बड़ा है। हम जीवन में सफल होने के लिए लगातार सीखते हैं, गलतियों से बचने के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेते हैं और अपने पेशेवर कौशल को बेहतर बनाते हैं। फिर जीवन के सबसे करीबी रिश्ते को केवल अनुभव और परिस्थितियों के भरोसे क्यों छोड़ देते हैं?
शादी की कोई गारंटी देने वाला पाठ्यक्रम नहीं हो सकता। लेकिन एक-दूसरे को समझने, संवाद करने, मतभेदों का सम्मान करने और जिम्मेदारियां बांटने की समझ जरूर विकसित की जा सकती है।
गोवा कॉलेज की यह पहल इसी दिशा में एक नई शुरुआत है। शायद आने वाले समय में यह सोच भी बदले कि शादी के लिए केवल सही जीवनसाथी चुनना ही जरूरी नहीं, बल्कि खुद को भी एक अच्छा जीवनसाथी बनने के लिए तैयार करना चाहिए।
सात फेरों से पहले 15 दिन की क्लास! युवाओं को सिखाए जाएंगे शादी निभाने के गुर
अनूठी पहल : गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस युवाओं को सिखाएगा रिश्तों की बारीकियां, 15 दिन का होगा मैरिज रेडीनेस सर्टिफिकेट कोर्स
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